HISTORY & RELIGIOUS HERITAGE
Aurangabad जिला बिहार के प्राचीन, ऐतिहासिक एवं धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक है, जिसका इतिहास प्राचीन काल से लेकर मध्यकाल और आधुनिक काल तक विस्तृत रहा है।
यह क्षेत्र प्राचीन मगध सभ्यता के प्रभाव क्षेत्र में रहा है, जहाँ धार्मिक साधना, सूर्य उपासना, शैव परंपरा एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ निरंतर विकसित होती रहीं।
कालांतर में यह क्षेत्र विभिन्न राजवंशों, स्थानीय शासकों एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं का केंद्र रहा, जिसके परिणामस्वरूप Aurangabad एक संगठित प्रशासनिक जिले के रूप में विकसित हुआ।
यहाँ की भूमि धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक चेतना से जुड़ी रही है, जो आज भी स्थानीय जीवन शैली, पर्व-त्योहार और परंपराओं में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
Aurangabad जिला विशेष रूप से सूर्य उपासना की प्राचीन परंपरा के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ स्थित देव सूर्य मंदिर (Deo Surya Mandir) और उमगा सूर्य मंदिर (Umga Surya Mandir) देश के प्रमुख सूर्य मंदिरों में गिने जाते हैं, जहाँ विशेष रूप से छठ महापर्व के अवसर पर देश-विदेश से श्रद्धालु दर्शन हेतु आते हैं।
ये मंदिर न केवल धार्मिक आस्था के केंद्र हैं, बल्कि Aurangabad की ऐतिहासिक पहचान का भी महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
इसके अतिरिक्त, देवकुंड (Devkund) Aurangabad का एक प्रसिद्ध धार्मिक एवं प्राकृतिक तीर्थ स्थल है, जहाँ स्थित शिव मंदिर श्रद्धालुओं के बीच विशेष आस्था का केंद्र माने जाते हैं।
देवकुंड को भगवान शिव से जुड़ा एक पवित्र स्थल माना जाता है और यह क्षेत्र शैव परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।
धार्मिक स्थलों, लोक परंपराओं, ऐतिहासिक धरोहरों और सांस्कृतिक आयोजनों का यह समन्वय Aurangabad को न केवल एक धार्मिक केंद्र बनाता है, बल्कि इसे बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण प्रतिनिधि भी बनाता है।